देवता का न्याय ‘नीचे शोर सुनाई दे रहा है प्रभु,’ देवता ने आंखें खोली- ‘मैं देख रहा हूं उनके लिए काम की व्यवस्था कर दो।’ कहकर देवता तपस्या में लीन हो गए। खेती की व्यवस्था हो गई, पृथ्वी फलों-फूलों की हरियाली से भर गई। कुछ सालों बाद, ‘नीचे शोर सुनाई दे रहा है प्रभु,’...

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